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BREAKING NEWS: गोरखपुर में गिरफ्तार “सुपर फर्जी IAS” — AI से सरकारी फाइलें, करोड़ों की ठगी,

लाल–नीली बत्ती वाली इनोवा, 7 लोगों का सिक्योरिटी काफिला, 4 गर्लफ्रेंड्स… पुलिस भी दंग

🔥 BREAKING NEWS: गोरखपुर में गिरफ्तार “सुपर फर्जी IAS” — AI से सरकारी फाइलें, करोड़ों की ठगी, लाल–नीली बत्ती वाली इनोवा, 7 लोगों का सिक्योरिटी काफिला, 4 गर्लफ्रेंड्स… पुलिस भी दंग 🔥

गोरखपुर में पकड़ा गया फर्जी IAS अधिकारी गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर अब तक के सबसे सनसनीखेज ठगी रैकेट का मास्टरमाइंड साबित हो रहा है। एमएससी पास कर कोचिंग चलाने वाला यह युवक महत्वाकांक्षा और हाइप्रोफाइल लाइफस्टाइल के नशे में ऐसा डूबा कि खुद को “IAS अधिकारी” घोषित कर करोड़ों की ठगी का साम्राज्य खड़ा कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि गौरव दिन में ट्यूशन पढ़ाता था और शाम होते ही सफेद इनोवा पर लाल–नीली बत्ती लगाकर VIP रौब के साथ सड़क पर निकलता था। उसके पीछे 6–7 लड़कों का सिक्योरिटी काफिला चलता था, जिससे पूरा शहर उसे असली IAS समझता था। उसके इस “IAS भौकाल” की वजह से वह कई बड़े व्यापारियों, ठेकेदारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आ गया।

जांच में पुलिस को सबसे चौंकाने वाली बात यह मिली कि गौरव ने अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर चार गर्लफ्रेंड बना ली थीं, जिनमें से तीन के गर्भवती होने की सूचना निगरानी में सामने आई है। STF अधिकारियों के मुताबिक यह खुलासा इस केस को और भी गंभीर श्रेणी में ले जाता है। गौरव का ठगी का तरीका भी किसी फिल्मी प्लॉट से कम नहीं था। वह AI (Artificial Intelligence) की मदद से बिल्कुल असली जैसी दिखने वाली सरकारी फाइलें, मंत्रालय की नोटिंग, टेंडर दस्तावेज, वेरिफिकेशन लेटर और सिग्नेचर स्टाइल तैयार करता था। उसके बनाए फर्जी दस्तावेज इतने परफेक्ट थे कि अच्छे-खासे अनुभवी लोग भी असली-नकली की पहचान नहीं कर पाते थे।

गौरव ने इसी तकनीकी जाल और सरकारी भौकाल का फायदा उठाकर एक बड़े व्यापारी को ₹450 करोड़ का सरकारी टेंडर दिलाने का झांसा दिया और इसके बदले ₹5 करोड़ कैश और दो इनोवा कारें रिश्वत के रूप में ले लीं। पुलिस अब इन पैसों और गाड़ियों की बरामदगी की प्रक्रिया में जुटी है। हैरानी की पराकाष्ठा तब हुई जब कुछ वक्त पहले वह एक फर्जी “निरीक्षण” के दौरान असली SDM से टकरा गया। बैच, कैडर और सर्विस डिटेल से जुड़े सवाल पूछे जाने पर गौरव आपा खो बैठा और SDM को दो थप्पड़ जड़ दिए। और चौंकाने वाली बात—असली SDM ने इसकी शिकायत तक दर्ज नहीं कराई, जिसे पुलिस अब गंभीर नजरिये से परख रही है।

गौरव मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है और उसने गोरखपुर के परमानंद गुप्ता के साथ मिलकर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड में ठगी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। तकनीकी सहायता उसके साले अभिषेक, जो सॉफ्टवेयर में एक्सपर्ट है, प्रदान करता था। अभिषेक ने ही आईडी कार्ड, मंत्रालय की सील, VIP नेमप्लेट, डिजिटल फाइलें और AI आधारित फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस ने छापेमारी में गौरव की VIP इनोवा, लाल–नीली बत्तियाँ, फर्जी IAS यूनिफॉर्म, नकली मुहरें, दर्जनों AI-जनित सरकारी फाइलें, ठगी के रिकॉर्ड और गर्लफ्रेंड्स से जुड़ा संवेदनशील डेटा बरामद किया है।

सीनियर पुलिस अधिकारियों का कहना है—“यह भारत में पकड़ा गया अब तक का सबसे हाई-टेक और हाई-प्रोफाइल फर्जी IAS रैकेट है। आरोपी ने सिस्टम को तकनीक और भौकाल के दम पर चकमा देने का एक नया मॉडल तैयार किया था।”

पुलिस ने गौरव, उसके साथी परमानंद और डॉक्यूमेंट बनाने वाले अभिषेक के खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और IT Act की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 


 

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